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औरंगाबाद जिला बिहार के धान के हरे भरे खेत ... मेहनत किसान की


आखिर हम कैसे भूल गये, मेहनत किसान की,
दिन हो या रात उसने, परिश्रम तमाम की।जाड़े की मौसम वो, ठंड से लड़े, 
तब जाके भरते, देश में फसल के घड़े।

गर्मी की तेज धूप से, पैर उसका जले, 
मेहनत से उनकी देश में, भुखमरी टले।

बरसात के मौसम में, न है भीगने का डर, 
कंधों पर रखकर फावड़ा, चल दिये खेत पर।

जिनकी कृपा से आज भी,चलता है सारा देश, 
सरकार उनके बीच में, पैदा होता मतभेद।

मेहनत किसान की, कैसे भूल वो रहे, 
कर्ज़, ग़रीबी, भुखमरी से, तंग हो किसान मरे।

दूसरों का पेट भर, अपनी जान तो दी, 
आखिर हम कैसे भूल गये , मेहनत किसान की।

Amjhar Sharif haspura daudnagar aurangabad bihar

अमझर शरीफ जिला मुख्‍यालय से ५० कि0 मी0 की दूरी पर हसपुरा प्रखंड मुख्‍यालय से १ कि0 मी0 दूरी पर स्थित हैा यहॉ कादरी सिलसीला के सूफी संत सैययदना मोहम्‍मद कादरी १६ वी0 शताब्‍दी में बगदाद से आये थे ा मोहम्‍मद शरीफ में सैययदना साहब की खानकाह कादरिया में स्थित हैा गोह स्थित देवकुण्‍ड एवं अमझर शरीफ संतो के बीच तौहार्दपूर्ण एवं आत्‍मीया संबंध की परम्‍परा का आज भी निर्वहन किया जाता हैा स्‍थानीय लोगों एवं देवकुण्‍ड मठ के प्रभारी मठाधीश के अनुसार जब भी नये मठाधीश  की ताजकोशी देवकुण्‍ड में होती है तो इसके लिये चादर अमझर शरीफ से जाताहैा चैत नवमी एवं रामनवमी को खानकाह में वृहत मेले का आयोजन किया जाता हैा

ShamSher Nagar Tomb

औरंगाबाद जिला मुख्‍यालय से ४२ कि0 मी0 की दूरी पर तथा दाउदनगर अनुमंडल मुख्‍यालय से १२ कि0 मी0 उतर की ओर अवस्थित हैा  यह स्‍थान पुरातात्विक दृश्टिकोण से महत्‍वपूर्ण हैा यहाफ शमशेर खॉ का मकबरा अवस्थित हैा यह वृहत आयताकार संरचना है जिसके मध्‍य में मुख्‍य मकबरा अवस्थित हैा समतल भूमि से ४’६’’ ऊची प्‍लेटफॉर्म पर ९१.५ वर्ग फीट में बना हैं यहॉ शमशेर खॉ और उनकी पत्‍नी की कब्र हैा

Deo Kund mandir deokund aurangabad bihar

देवकुण्‍ड औरंगाबाद जिला मुख्‍यालय से65 कि0 मी0 की दूरी पर सोन नदी के प्राचीन प्रवाह धार के किनारे स्थित हैा बंगॉल लिस्‍ट एवं पुरातात्विक संदर्भोके अनुसार 7 वी0 शताब्‍दी का यह मंदिर बिहार के प्राचीनतम मंदिरो में से एक हैा मंदिर से सटे एक वृहत स्‍नान कुण्‍ड हैा

Sihari Temple

सिहाडी जिला मुख्यापलय से ५० कि0 मी0 की दूरी पर हसपुरा प्रखण्ड में स्थित हैा यहॉ सडक किनारे पुरातात्विक दृश्टिकोण से महत्वीपूर्ण एक शिव मंदिर हैा पुरातत्वयवेता जे0 डी0 बेगलर ने सन १८७२ ई0 में इस झेत्र का सर्वेझण किया था ा तथा सर्वेझण प्रतिवेदन में इसे स्था्न दिया हैा